लखनऊ
प्रदेश सरकार ने रोडवेज सेवाओं को बाधित होने से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सड़क परिवहन निगम की सभी सेवाओं में अगले छह महीने तक हड़ताल पर रोक लगा दी है। सरकार ने यह फैसला जनहित और आवश्यक सेवाओं को लगातार सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से लिया है। परिवहन विभाग की अपर मुख्य सचिव अर्चना अग्रवाल की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि रोडवेज की वे सभी सेवाएं, जिन्हें पहले से अत्यावश्यक सेवा घोषित किया गया है, उनमें किसी भी प्रकार की हड़ताल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। आदेश जारी होने की तारीख से अगले छह महीने तक कर्मचारी संगठन हड़ताल नहीं कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि प्रदेश में करोड़ों लोग रोजाना रोडवेज बसों पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में हड़ताल होने पर आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सूत्रों के मुताबिक बीते कुछ समय से रोडवेज कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन और हड़ताल की आशंकाएं बनी हुई थीं। इसी को देखते हुए सरकार ने समय रहते सख्त निर्णय लिया है। परिवहन विभाग का कहना है कि आवश्यक सेवाओं को बाधित होने से रोकना सरकार की प्राथमिकता है और यात्रियों की सुविधा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले के बाद कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया पर भी नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि यूनियनें वेतन, भत्तों और सेवा संबंधी अन्य मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बना सकती हैं। हालांकि फिलहाल प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि जनसेवा से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


