उपकार मणि ‘उपकार ‘
फर्रुखाबाद। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष और युवा पिछड़ा वर्ग चेहरे के रूप में तेजी से उभर रहे रुपेश गुप्ता इन दिनों जिले की राजनीति में चर्चा के केंद्र बने हुए हैं। संगठन में करीब छह वर्षों तक जिलाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने वाले रुपेश गुप्ता को अब सदर विधानसभा सीट के मजबूत दावेदारों में देखा जाने लगा है। हाल ही में हुए एक राजनीतिक सर्वे में भी उन्हें सदर सीट के लिए सबसे लोकप्रिय नेताओं में शीर्ष पर बताया गया है।
भाजपा संगठन में मेहनती, सरल और सबको साथ लेकर चलने वाली उनकी कार्यशैली ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ और संगठन क्षमता का असर उनके लंबे जिलाध्यक्ष कार्यकाल में साफ दिखाई दिया। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि उनके नेतृत्व में भाजपा ने जिले में संगठनात्मक मजबूती हासिल की और लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को अच्छा प्रदर्शन मिला।
रुपेश गुप्ता को भाजपा के वरिष्ठ रणनीतिकार सुनील बंसल की टीम का भरोसेमंद नेता माना जाता है। हाल ही में पश्चिम बंगाल चुनाव में भी पार्टी ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी थी। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक जिस क्षेत्र में उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारी दी गई थी, वह भाजपा के लिए बेहद कमजोर माना जाता था, लेकिन वहां पार्टी ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन कर राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा।
भाजपा के भीतर पिछड़ा वर्ग से आने वाले प्रभावशाली युवा नेतृत्व की चर्चा जब भी होती है, रुपेश गुप्ता का नाम प्रमुखता से सामने आता है। उनकी साफ-सुथरी छवि, कार्यकर्ताओं के प्रति सहज व्यवहार और लगातार सक्रिय रहने की शैली ने उन्हें जिले में अलग राजनीतिक पहचान दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में बदलते सामाजिक समीकरणों के बीच भाजपा ऐसे नेताओं को आगे बढ़ाना चाहती है जिनकी पकड़ संगठन और समाज दोनों में मजबूत हो। ऐसे में रुपेश गुप्ता का बढ़ता प्रभाव आने वाले विधानसभा चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
फिलहाल सदर सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग खुलकर रुपेश गुप्ता के समर्थन में दिखाई देने लगा है। यही वजह है कि जिले की राजनीति में उनका नाम लगातार मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहा है।


