42 C
Lucknow
Thursday, May 21, 2026

पंचायत चुनाव से पहले यूपी में ओबीसी आरक्षण पर बड़ा कदम, पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन

Must read

 

लखनऊ।उत्तर प्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सरकार ने बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक कदम उठाया है। पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी ) आरक्षण तय करने के लिए समर्पित राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर दिया गया है। सरकार द्वारा गठित इस पांच सदस्यीय आयोग की जिम्मेदारी पंचायत स्तर पर ओबीसी आरक्षण की स्थिति और उसके आधार का अध्ययन करना होगी।

आयोग के अध्यक्ष पद पर रिटायर्ड जस्टिस राम औतार सिंह की नियुक्ति की गई है। उनके साथ चार अन्य सदस्यों को भी आयोग में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि यह आयोग पंचायत चुनाव में आरक्षण व्यवस्था को कानूनी और संवैधानिक आधार देने के लिए अहम भूमिका निभाएगा।

दरअसल, पिछली बार पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर मामला अदालत तक पहुंचा था। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बाद सरकार पर “ट्रिपल टेस्ट” प्रक्रिया पूरी करने का दबाव बना था। इसी के तहत अब सरकार ने नया आयोग गठित कर डेटा संग्रह और सामाजिक-राजनीतिक अध्ययन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उत्तर प्रदेश की पंचायत राजनीति में पिछड़ा वर्ग निर्णायक भूमिका निभाता है। ऐसे में आयोग की रिपोर्ट आगामी पंचायत चुनाव की रणनीति और आरक्षण ढांचे को सीधे प्रभावित कर सकती है।

सूत्रों के मुताबिक आयोग विभिन्न जिलों में सामाजिक और जनसंख्या आधारित आंकड़ों का अध्ययन करेगा तथा यह तय करेगा कि किन क्षेत्रों में ओबीसी आरक्षण का स्वरूप क्या होगा। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची जारी किए जाने की संभावना है।

प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच इस फैसले को सरकार के बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। विपक्ष जहां इसे चुनावी रणनीति बता रहा है, वहीं सरकार इसे संवैधानिक प्रक्रिया और सामाजिक न्याय की दिशा में जरूरी कदम बता रही है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article