लखनऊ।अवैध रूप से रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। बीकेटी थाना क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अरूप बक्शी को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पहचान बनाकर लंबे समय से रह रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी इलाके में क्लीनिक भी संचालित कर रहा था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए आधार कार्ड और भारतीय पासपोर्ट तक बनवा लिया था। पुलिस को शक है कि उसने पहचान छिपाने के लिए स्थानीय पते और कागजात का इस्तेमाल किया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से आधार कार्ड, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी कितने समय से भारत में रह रहा था और उसके संपर्क किन लोगों से थे, इसकी गहन जांच की जा रही है। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में किसी स्थानीय नेटवर्क या गिरोह की भूमिका तो नहीं रही।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की भी जांच कर रही हैं कि आरोपी द्वारा चलाए जा रहे क्लीनिक के लिए किस आधार पर अनुमति ली गई थी और क्या उसने अन्य सरकारी दस्तावेज भी बनवा रखे थे। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।
घटना ने एक बार फिर फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेज सत्यापन प्रणाली की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में विदेशी अधिनियम, जालसाजी और अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है, जबकि खुफिया एजेंसियां भी पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई हैं।


