फर्रुखाबाद। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने देर रात डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय में औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी। बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचे डीएम ने अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था, वार्डों की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता और ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ की कार्यशैली का गहन निरीक्षण किया।
देर रात हुए इस निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। जिलाधिकारी सीधे इमरजेंसी वार्ड पहुंचे, जहां भर्ती मरीजों से बातचीत कर उपचार व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानी। कई मरीजों और तीमारदारों से सुविधाओं, दवाओं और चिकित्सकीय व्यवहार को लेकर फीडबैक भी लिया गया। इसके बाद उन्होंने एनआरसी वार्ड का निरीक्षण करते हुए वहां भर्ती बच्चों और मरीजों की देखभाल संबंधी व्यवस्थाओं को परखा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति को गंभीरता से लिया। उपस्थिति रजिस्टर की जांच कर यह देखा गया कि कौन कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद है और कौन अनुपस्थित। सूत्रों के मुताबिक निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही।
डीएम ने मेडिसिन रजिस्टर का भी निरीक्षण किया और अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के स्टॉक, वितरण व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति को लेकर भी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मरीजों को समय पर उपचार, पर्याप्त दवाएं और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जाए।
देर रात हुए इस औचक निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। माना जा रहा है कि प्रशासन अब सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सख्त रुख अपनाने के मूड में है, ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।


