90% मंत्री करोड़पति, औसत संपत्ति 6.32 करोड़
महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 14 फीसदी
एडीआर रिपोर्ट ने खोली सत्ता की “हकीकत”
पटना। बिहार की नई कैबिनेट को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रेफॉर्म्स (एडीआर ) और बिहार इलेक्शन वाच की रिपोर्ट ने सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक बिहार मंत्रिमंडल में शामिल करीब 48 फीसदी मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 90 फीसदी मंत्री करोड़पति हैं।
रिपोर्ट के अनुसार बिहार कैबिनेट के 31 मंत्रियों में से 15 मंत्रियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 9 मंत्रियों पर हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा और अन्य गंभीर धाराओं से जुड़े मामले लंबित बताए गए हैं। इससे एक बार फिर राजनीति के अपराधीकरण पर बहस तेज हो गई है।
आंकड़ों के मुताबिक 31 में से 28 मंत्री करोड़पति हैं। मंत्रियों की औसत संपत्ति 6.32 करोड़ रुपये बताई गई है। कुछ मंत्रियों की संपत्ति करोड़ों से बढ़कर दर्जनों करोड़ तक पहुंच चुकी है। ऐसे में विपक्ष सरकार पर “जनसेवा नहीं, धनसेवा” की राजनीति करने का आरोप लगा रहा है।
रिपोर्ट में महिलाओं की भागीदारी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। बिहार कैबिनेट में महिला मंत्रियों की हिस्सेदारी महज 14 फीसदी है। यानी 31 मंत्रियों में केवल 4 महिलाएं ही जगह बना सकीं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह रिपोर्ट लोकतंत्र की उस तस्वीर को सामने लाती है, जहां सत्ता, पैसा और आपराधिक छवि का गठजोड़ लगातार मजबूत होता दिख रहा है। विपक्षी दलों ने रिपोर्ट को मुद्दा बनाते हुए सरकार से जवाब मांगा है कि आखिर गंभीर मामलों में घिरे नेताओं को मंत्री पद क्यों सौंपे गए।


