कायमगंज/फर्रुखाबाद। कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में एक महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे के अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और मोहल्ले में भारी भीड़ जुट गई। हालांकि परिजनों ने किसी प्रकार का आरोप लगाने से इनकार करते हुए अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं।
मामला कोतवाली कायमगंज क्षेत्र के मोहल्ला दत्तूनगला का है। यहां 35 वर्षीय तारावती पत्नी वीरपाल का शव घर के कमरे में छत के लेंटर में लगे कुंडे से साड़ी के सहारे लटका मिला। घटना उस समय सामने आई जब परिवार के अन्य सदस्य अपने-अपने काम में लगे हुए थे।
बताया गया कि मृतका का पति वीरपाल रोज की तरह सुबह मजदूरी करने चला गया था, जबकि उसके दोनों बच्चे रचित (12 वर्ष) और श्रद्धा (7 वर्ष) स्कूल गए हुए थे। घर में मौजूद मृतका की सास जब कमरे के पास पहुंचीं तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। तारावती का शव फंदे पर लटका देख उन्होंने चीख-पुकार शुरू कर दी।
शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर पति वीरपाल भी घर पहुंचा, जहां पत्नी की हालत देखकर वह बदहवास हो गया। घटना की खबर मृतका के मायके पक्ष को भी दी गई। परिजनों ने आपसी सहमति से महिला के शव को फंदे से नीचे उतार लिया।
हैरानी की बात यह रही कि पूरे मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी गई और बिना किसी कानूनी कार्रवाई के महिला का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। महिला पक्ष की ओर से भी किसी प्रकार का आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगाया गया है।
जब मामले को लेकर कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार शुक्ल से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि परिजनों द्वारा पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई है और मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है।
सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां बनीं कि दो मासूम बच्चों की मां ने यह कदम उठाया या फिर इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है? पुलिस को सूचना दिए बिना अंतिम संस्कार किए जाने से भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।


