फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फर्रुखाबाद ने बंदियों और उनके परिजनों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश नीरज कुमार के मार्गदर्शन में केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ और जिला कारागार फतेहगढ़ में “लीगल हेल्प डेस्क” का शुभारंभ किया गया।
इस पहल का उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं न्यायाधीश बिंदिया भटनागर द्वारा किया गया। इस दौरान जेलों में निरुद्ध बंदियों से मिलने आने वाले उनके परिवारजनों और रिश्तेदारों को कानूनी जानकारी, मुकदमों की स्थिति और निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लीगल हेल्प डेस्क पर प्रतिदिन कार्य करने के लिए परा विधिक स्वयंसेवकों की नियुक्ति भी की गई है। ये स्वयंसेवक केंद्रीय कारागार और जिला कारागार में नियमित रूप से उपस्थित रहकर बंदियों के परिजनों को कानूनी राय, आवेदन प्रक्रिया और लंबित मामलों की जानकारी देंगे।
कार्यक्रम के दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ सुरेंद्र कुमार राणा ने बंदियों से मुलाकात कर उनके लंबित मामलों की जानकारी ली और उन्हें विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि गरीब और असहाय बंदियों तक न्याय पहुंचाना विधिक सेवा प्राधिकरण की प्राथमिकता है।
उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ के अधीक्षक आशीष तिवारी, जिला कारागार फतेहगढ़ के अधीक्षक अरविंद कुमार श्रीवास्तव, जेलर करुणेंद्र यादव, रविंद्र सिंह, वैभव कुशवाहा, कृष्ण कुमार, दीपक जयंत सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ शिव नरेश सिंह, डिप्टी चीफ सुरेंद्र कुमार राणा, प्रशांत गुप्ता, सीता सिंह, जेल विजिटर श्यामवीर सोमवंशी और अत्ताउलहक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। फर्रुखाबाद की जेलों में शुरू हुई यह व्यवस्था उन परिवारों के लिए राहत मानी जा रही है जो कानूनी जानकारी के अभाव में वर्षों तक परेशान रहते हैं। अब बंदियों के परिजनों को जेल परिसर में ही विधिक सलाह और सहायता उपलब्ध हो सकेगी।


