लखनऊ। प्रदेश में मानसून से पहले बाढ़ सुरक्षा तैयारियों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों में चल रहे बाढ़ बचाव कार्यों को 15 जून तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को लखनऊ स्थित सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने ड्रेन सफाई समेत सभी आवश्यक कार्य तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाढ़ सुरक्षा कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए तय समय सीमा के भीतर सभी परियोजनाएं पूरी की जाएं।
बैठक में जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों और अभियंताओं को नवाचार आधारित योजनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “वन ड्रॉप मोर क्रॉप” के सिद्धांत पर आधारित कम से कम एक नई परियोजना का खाका प्रत्येक परिक्षेत्र में तैयार किया जाए, ताकि जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि मानकों के विपरीत कार्य पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य मानसून के दौरान प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित रखना और जलभराव जैसी समस्याओं से राहत दिलाना है।


