वृंदावन। प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने ब्रज क्षेत्र को मांस और मदिरा मुक्त घोषित करने की मांग उठाते हुए कहा है कि वृंदावन, मथुरा और पूरे ब्रज क्षेत्र की धार्मिक और आध्यात्मिक पवित्रता बनाए रखने के लिए यहां मांस और शराब की बिक्री पूरी तरह बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह भूमि भगवान श्रीराधा-कृष्ण की लीलास्थली है, इसलिए इसकी पवित्रता हर हाल में सुरक्षित रखी जानी चाहिए।
परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीराधा केलिकुंज में आयोजित दैनिक सत्संग के दौरान संत प्रेमानंद ने देशभर से आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिस भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी ने दिव्य लीलाएं कीं, वहां मांस और मदिरा की बिक्री आस्था और धार्मिक भावनाओं के विपरीत है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की।
संत प्रेमानंद का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लंबे समय से संत समाज और विभिन्न धार्मिक संगठन ब्रज क्षेत्र को मांस और मदिरा मुक्त घोषित करने की मांग करते रहे हैं। संतों का कहना है कि धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए यह आवश्यक कदम है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष नवंबर में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी ब्रज क्षेत्र में मांस और शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि संत प्रेमानंद की रात्रिकालीन पदयात्रा के मार्ग में शराब की दुकानें सनातन धर्म और श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करती हैं।
ब्रज क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर अब फिर से बहस तेज हो गई है। धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं का कहना है कि सरकार को ब्रज की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए विशेष नीति बनानी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस पवित्र धाम की दिव्यता को महसूस कर सकें।


