फर्रुखाबाद। जिले में ध्वनि प्रदूषण, सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी डॉ.अंकुर लाठर के कड़े निर्देश पर एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत और यातायात प्रभारी सतेन्द्र कुमार ने नगर क्षेत्र में मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हार्न और हूटर के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया।
अभियान के दौरान 08 ट्रक प्रेशर हार्न का उपयोग करते हुए पकड़े गए, जिन्हें तत्काल सीज कर दिया गया। इनमें से 04 ट्रक ओवरलोड भी पाए गए। प्रशासन ने संबंधित वाहनों पर कुल ₹2.01 लाख का भारी जुर्माना लगाया। कार्रवाई के बाद ट्रांसपोर्ट कारोबार और वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।
प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि अब जिले में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और अवैध मॉडिफिकेशन करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 07 मई से 13 मई 2026 तक विशेष लक्ष्य आधारित अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान मोडिफाइड साइलेंसर हटवाने के साथ-साथ प्रेशर हार्न और हूटर लगे वाहनों को जब्त किया जाएगा।
डीएम डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश के बाद परिवहन विभाग ने वाहन डीलरों, मोटर गैराज और वर्कशॉप संचालकों को भी चेतावनी जारी कर दी है। यदि किसी गैराज या डीलर द्वारा वाहनों में अवैध रूप से मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हार्न या हूटर लगाए जाते पाए गए तो उनके खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत प्रति मामले ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
प्रशासन ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। परिवहन विभाग के हेल्पलाइन नंबर और पर मोडिफाइड साइलेंसर और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि हर शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार यदि कोई वाहन स्वामी अपने वाहन में अवैध फिटिंग या संशोधन करता है तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में 06 माह तक की जेल, ₹5,000 तक जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर ध्वनि प्रदूषण और सड़क सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ पहली बार में ही 03 माह तक का कारावास, ₹10,000 तक जुर्माना और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई हो सकती है।


