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Thursday, May 7, 2026

डीएम डॉ. अंकुर लाठर का बड़ा अभियान, गोवंश संरक्षण के लिए शुरू हुआ व्यापक भूसा संग्रह मिशन

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– ग्रामीण अंचल पर रोटी बैंक की स्थापना पर भी दिया जोर
– जनमानस के सहयोग से भी गोविंद शास्त्री स्थलों को मंदिरों जैसा सजाने का संकल्प

फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने गोवंश संरक्षण और पशुओं के लिए संतुलित आहार उपलब्ध कराने को लेकर व्यापक “भूसा संग्रह अभियान” शुरू कर दिया है। जिले में प्रशासन मिशन मोड पर काम कर रहा है और गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है।

डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी गो आश्रय स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा और संतुलित पशु आहार उपलब्ध रहना चाहिए। बढ़ती गर्मी को देखते हुए गोवंशों के लिए पेयजल, छाया, पंखे और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार प्रदेश स्तर पर एक वर्ष के लिए 131.40 लाख कुंतल भूसे की आवश्यकता निर्धारित की गई है, जिसके सापेक्ष 60.99 लाख कुंतल भूसा संग्रह का लक्ष्य तय किया गया। अब तक 26.78 लाख कुंतल भूसे का संग्रह किया जा चुका है। प्रशासन भी इस अभियान में तेजी से जुटा हुआ है और स्थानीय किसानों, गोसेवकों तथा समाजसेवी संगठनों को अभियान से जोड़ने की रणनीति बनाई गई है।

डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने जिले में भूसा बैंक व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। प्रशासन की निगरानी में अस्थायी और स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जा रहे हैं ताकि आगामी महीनों में चारे की कमी की स्थिति न बनने पाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भूसा संग्रह केवल कागजी प्रक्रिया न रह जाए, बल्कि वास्तविक रूप से गो आश्रय स्थलों तक पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित हो।

जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि गो आश्रय स्थलों में केवल मानक युक्त और गुणवत्ता वाले पशु आहार का ही उपयोग किया जाएगा। शासन स्तर से जारी निर्देशों के अनुसार एफएसएसएआई और बीआईएस मानकों के अनुरूप पशु आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रत्येक गोवंश को प्रतिदिन न्यूनतम 500 ग्राम संतुलित पशु आहार देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

फर्रुखाबाद प्रशासन ने गर्मी से बचाव के लिए विशेष अभियान भी शुरू किया है। गो आश्रय स्थलों पर स्वच्छ पेयजल, अतिरिक्त छायादार व्यवस्था और हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। डीएम डॉ. अंकुर लाठर स्वयं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को लगातार फील्ड निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।

जिले में चल रहे इस अभियान को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। प्रशासन का मानना है कि गो संरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डेयरी विकास की महत्वपूर्ण कड़ी भी है। यही कारण है कि फर्रुखाबाद में डीएम डॉ. अंकुर लाठर के नेतृत्व में यह अभियान प्रशासन की प्राथमिकता बन चुका है।

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