मुख्य सचिव ने अफसरों को दिए विशेष निर्देश
लखनऊ
प्रदेश में 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को लखनऊ में मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि लोक अदालत के आयोजन को प्रभावी और जनहितकारी बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें और अधिक से अधिक मामलों का मौके पर निस्तारण कराया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि लोक अदालत में विशेष रूप से प्री-लिटिगेशन मामलों, बैंक रिकवरी केस और मोटर वाहन अधिनियम से जुड़े लंबित चालानों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इसके लिए प्रत्येक विभाग में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं और बैंक संस्थानों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को राहत मिल सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील प्रशासन की मदद से गांव-गांव और कस्बों में जागरूकता अभियान चलाया जाए। आम जनता को लोक अदालत के लाभों की जानकारी देने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया, आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भी मदद ली जाए। साथ ही पक्षकारों को समय पर नोटिस और समन की तामील सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैंक वसूली मामलों में चौकीदारों की सहायता लेने को भी कहा गया।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि 21 दिसंबर 2021 से पहले के सभी लंबित मोटर वाहन चालानों को जिला न्यायालयों में प्रस्तुत कर उनका निस्तारण कराया जाए। आयोजन से पहले बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं के साथ बैठक कर बेहतर समन्वय बनाने पर भी जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए लोगों को त्वरित और सस्ता न्याय उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इससे वर्षों से लंबित मामलों का समाधान तेजी से होगा और न्यायालयों पर भी बोझ कम पड़ेगा। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


