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Wednesday, May 6, 2026

पत्नी, बेटे व दामाद ने रची किसान की हत्या की साजिश, शव एक्सप्रेसवे पर फेंककर हादसा दिखाने की कोशिश

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औरैया। जनपद में पारिवारिक विवाद और शराब की लत ने एक खौफनाक हत्याकांड को जन्म दे दिया, जहां पत्नी, बेटे और दामाद ने मिलकर एक किसान की बेरहमी से हत्या कर दी और घटना को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर फेंक दिया। पुलिस की गहन जांच और पूछताछ के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा ने बताया कि अछल्दा थाना क्षेत्र से गुजर रहे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर 2 मई की रात एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। प्रारंभिक जांच में इसे सड़क हादसा माना जा रहा था, लेकिन जब पुलिस मृतक के घर गांव मढ़ा प्रीतम पहुंची तो कमरे में खून फैला मिला और परिजन गायब थे, जिससे मामला संदिग्ध हो गया। बाद में मृतक की पहचान 48 वर्षीय किसान रणवीर सिंह यादव के रूप में हुई।
मामले में मृतक के बड़े बेटे सतेंद्र यादव ने अपनी मां, छोटे भाई और बहनोई के भाई पर हत्या की आशंका जताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी थाना क्षेत्र के तुर्कपुर अंडरपास के पास मौजूद हैं। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर मृतक की पत्नी विनीता, बेटे हर्षित और दामाद के भाई गुरजीत यादव को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि रणवीर सिंह जमीन बेचकर मिले पैसों को शराब में उड़ा रहा था, जिससे परिवार में अक्सर विवाद होता था। घटना वाले दिन वह शराब के नशे में घर पहुंचा और पत्नी के विरोध करने पर उसे पीट दिया। इसके बाद आक्रोशित होकर पत्नी ने बेटे और दामाद के भाई को बुलाया और तीनों ने मिलकर कुल्हाड़ी और लोहे की रॉड से हमला कर रणवीर की हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने घटना को छिपाने के लिए शव को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर फेंक दिया, ताकि यह सड़क दुर्घटना प्रतीत हो। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, लोहे की रॉड और बाइक भी बरामद कर ली है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि रणवीर सिंह के पास पहले करीब 10 बीघा जमीन थी, जिसमें से दो बीघा एक्सप्रेसवे निर्माण में चली गई और पिछले कुछ वर्षों में उसने चार बीघा जमीन और बेच दी थी। जमीन बेचकर मिले पैसों से उसे शराब की लत लग गई थी, जो परिवार में लगातार कलह का कारण बन रही थी।
परिवार में मृतक के दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ा बेटा सतेंद्र कानपुर में नौकरी करता है और घटना के बाद जब वह गांव पहुंचा तो घर में खून फैला देख उसके होश उड़ गए। मां और भाई के गायब होने पर उसने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में इटावा जेल भेज दिया गया है। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और एक बार फिर यह साबित किया है कि पारिवारिक विवाद और नशे की लत किस तरह भयावह परिणाम ला सकती है।

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