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Tuesday, August 18, 2026

कानपुर वार्ड बॉय हत्याकांड: 13 दिन तक सुस्त रही पुलिस, दोस्तों ने रची थी साजिश

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कानपुर में वार्ड बॉय अंकित त्रिवेदी की हत्या के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। परिजनों द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराने के बावजूद पुलिस करीब 13 दिनों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी। इस दौरान परिवार अपने स्तर पर तलाश करता रहा, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता ने मामले को और गंभीर बना दिया।

मंगला विहार प्रथम निवासी 37 वर्षीय अंकित त्रिवेदी बाराबंकी के एक पीएचसी में वार्ड बॉय के पद पर कार्यरत था। 16 अप्रैल की शाम वह घर से मलवां जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। 17 अप्रैल को परिजनों ने चकेरी थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने शुरुआती दिनों में मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

करीब 13 दिन बाद, 29 अप्रैल को फतेहपुर के सुलतानपुर घोष थाना क्षेत्र में शाहपट्टी के पास अंकित की कार लावारिस हालत में मिली। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और जांच तेज की गई। जांच में सामने आया कि अंकित की हत्या उसके ही दोस्तों ने लूट के इरादे से की थी।

पुलिस के अनुसार, बांगरमऊ निवासी सत्यम मिश्रा, चकेरी के अटलनगर निवासी रेहान, और फतेहपुर के शादाब व अलतमस ने मिलकर अंकित को बहाने से बुलाया और उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को गंगा नदी में फेंक दिया गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी सत्यम अभी फरार है।

इस मामले में पुलिस अब एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से शव की तलाश में जुटी है। वहीं, अंकित का परिवार गहरे सदमे में है। उसकी पत्नी दीक्षा और मां अर्चना का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि उसकी चार साल की बेटी बार-बार “डैडी” कहकर पुकार रही है। यह घटना न सिर्फ एक जघन्य अपराध को उजागर करती है, बल्कि पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

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