पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है और राज्य में जल्द मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें जोर पकड़ने लगी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास परिवर्तन और शीर्ष नेताओं के साथ लगातार हो रही बैठकों ने सियासी गतिविधियों को और तेज कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार ने अपना आधिकारिक आवास 1 अणे मार्ग छोड़कर 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में स्थानांतरित कर लिया है। इस बदलाव को केवल आवास परिवर्तन नहीं, बल्कि राजनीतिक पुनर्संतुलन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के साथ 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। करीब 20 मिनट तक चली इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और सत्ता संतुलन को लेकर चर्चा हुई।
इससे पहले भी दिन की शुरुआत में नीतीश कुमार ने दूसरे उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव से मुलाकात की थी। इसके अलावा पूर्व मंत्री अशोक चौधरी के साथ भी बातचीत की गई। इन लगातार बैठकों ने राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल के बाद से राज्य में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों के पास ही सभी विभागों की जिम्मेदारी है। इसको लेकर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव लगातार सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में अब माना जा रहा है कि पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, नए मंत्रिमंडल में अनुभवी नेताओं को प्राथमिकता दी जा सकती है, जबकि नए चेहरों की संख्या सीमित रहने के आसार हैं। इस संभावित विस्तार में पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं। उन्होंने पहले राजस्व एवं भूमि सुधार और खनन जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले थे, हालांकि नई सरकार में उनके कुछ फैसलों को बदला गया है और विभागीय स्तर पर भी फेरबदल किया गया है।
कुल मिलाकर, नीतीश कुमार के आवास परिवर्तन से लेकर लगातार हो रही राजनीतिक बैठकों तक, बिहार में सत्ता समीकरणों के नए दौर की आहट साफ दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार इस सियासी हलचल को नई दिशा दे सकता है।


