लखनऊ
भारतीय विद्यालय प्रमाण पत्र परीक्षा परिषद द्वारा वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के परिणाम गुरुवार सुबह जारी कर दिए गए। देशभर के लाखों छात्र-छात्राओं का इंतजार समाप्त हुआ और परिणाम घोषित होते ही विद्यार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। परीक्षाएं फरवरी से अप्रैल के बीच आयोजित की गई थीं, जिनमें बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने भाग लिया था।
इस वर्ष बारहवीं कक्षा में कानपुर के छात्र ओजस्वित पासरीचा ने 100 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करते हुए नया इतिहास रच दिया। उनके इस उत्कृष्ट प्रदर्शन ने न केवल उनके विद्यालय बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। इसी क्रम में कानपुर के ही चिंटल्स विद्यालय की छात्रा यशी सचान ने 99.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की, जबकि दसवीं कक्षा में आदि अरोड़ा ने 99.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
परिणामों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस वर्ष बारहवीं कक्षा में कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 99.66 रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। लड़कियों का प्रदर्शन विशेष रूप से सराहनीय रहा, जहां 1,702 में से 1,697 छात्राएं सफल रहीं। वहीं 1,845 में से 1,838 छात्र उत्तीर्ण हुए। इससे स्पष्ट है कि इस बार भी छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बाजी मारी है।
दसवीं कक्षा की परीक्षा 17 फरवरी से 30 मार्च तक तथा बारहवीं कक्षा की परीक्षा 12 फरवरी से 3 अप्रैल तक आयोजित की गई थी। परीक्षा परिणाम देखने के लिए विद्यार्थियों को अपने प्रवेश पत्र में दर्ज विशिष्ट पहचान संख्या और अनुक्रमांक की आवश्यकता होगी। छात्र परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं और अंकपत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
परिणाम देखने के बाद विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने अंकपत्र में दर्ज सभी विवरण जैसे नाम, जन्मतिथि, विद्यालय का नाम, विषयवार अंक और कुल प्रतिशत ध्यानपूर्वक जांच लें। किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर तत्काल विद्यालय या परिषद से संपर्क करें।
परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए दसवीं कक्षा में प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत तथा बारहवीं कक्षा में 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। जो छात्र एक या दो विषयों में असफल हुए हैं, उन्हें सुधार परीक्षा का अवसर प्रदान किया जाएगा।
पिछले वर्ष 2025 में भी परिणाम 30 अप्रैल को घोषित किए गए थे, जिसमें बारहवीं का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.02 और दसवीं का 99.09 रहा था। इस वर्ष परिणामों में सुधार देखा गया है, जिससे शिक्षा के स्तर में निरंतर प्रगति का संकेत मिलता है।


