औरैया
जनपद के बेला थाना क्षेत्र में वर्ष 2019 में हुई नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म की गंभीर घटना में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। करीब साढ़े छह साल बाद आए इस फैसले से पीड़िता और उसके परिवार को न्याय मिला है, वहीं समाज में भी एक सख्त संदेश गया है कि ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को कानून बख्शता नहीं है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र की अदालत ने आरोपी ओमकार जोशी को दोषी करार देते हुए उस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 19 सितंबर 2019 की है, जब बेला थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग किशोरी खेत में पशु चरा रही थी। इसी दौरान गांव का निवासी ओमकार जोशी पुत्र रामकरन जोशी वहां पहुंचा और उसे बहला-फुसलाकर एकांत स्थान पर ले गया, जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया था। घटना के बाद परिजनों ने थाना बेला में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाते हुए आरोपी के खिलाफ अनुसूचित जाति की नाबालिग से दुष्कर्म सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसके बाद मामला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम की अदालत में विचाराधीन रहा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को कठोर दंड देने की मांग की।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।


