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Wednesday, April 29, 2026

31 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, आधार-पैन से फर्जी खाते खोलकर व्यापारी को बनाया शिकार

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कासगंज

 

जनपद के गंजडुंडवारा क्षेत्र में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 31 लाख रुपये की बड़ी साइबर ठगी का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने राजस्थान से एक युवक और एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से नकदी, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और आमजन में साइबर अपराध को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गंजडुंडवारा के मोहल्ला खेरू निवासी व्यापारी मोहम्मद स्वालेह अंसारी को बीते 19 मार्च को साइबर ठगों ने अपना निशाना बनाया था। आरोपियों ने खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर व्यापारी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाया और कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर उसे मानसिक रूप से दबाव में ले लिया। इसी दौरान ठगों ने चालाकी से व्यापारी से अलग-अलग माध्यमों से कुल 31 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए।

घटना की जानकारी होने के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर गंजडुंडवारा पुलिस और साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाते खोलते थे और उन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर कर देते थे, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें।

पुलिस टीम ने सटीक लोकेशन ट्रेस करते हुए राजस्थान में दबिश दी और वहां से एक युवक व एक महिला को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से पांच हजार रुपये की नकदी, चार मोबाइल फोन, सात एटीएम कार्ड और दो पैन कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद सामान से गिरोह के नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह काफी सुनियोजित तरीके से काम करता था और लोगों को कानूनी कार्रवाई, गिरफ्तारी या जांच एजेंसियों का डर दिखाकर ठगी करता था। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके अन्य साथियों की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है।

इस घटना ने एक बार फिर साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल या संदेश पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को सूचित करें।

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