देहरादून। महिला आरक्षण के मुद्दे पर उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में मंगलवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला। सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने के प्रयासों को विफल करना “पाप” है। उन्होंने विपक्षी नेताओं राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्हें “कौरवों की सोच” वाला करार दिया, जिससे सदन में राजनीतिक माहौल और गर्मा गया।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए महिलाओं को उनका हक दिलाने का प्रयास किया जा रहा है और राज्य सरकार भी मातृशक्ति को सशक्त बनाने के लिए निरंतर योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जेंडर बजट के तहत करीब 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, वहीं लखपति दीदी योजना, उज्ज्वला योजना और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
हालांकि, विपक्ष ने सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए सदन में जोरदार हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष अनुपमा रावत ने कहा कि जब महिला आरक्षण कानून पहले ही पारित हो चुका है, तो उसे उत्तराखंड में तुरंत लागू किया जाना चाहिए। विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि जब राज्य सरकार के पास इसे लागू करने का अधिकार नहीं है, तो विशेष सत्र बुलाने का औचित्य क्या है।
सदन में राष्ट्रवाद के मुद्दे पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। भाजपा विधायकों ने कांग्रेस पर ऐतिहासिक मुद्दों को लेकर आरोप लगाए, जबकि कांग्रेस नेताओं ने भी पलटवार करते हुए अपनी सरकारों की उपलब्धियां गिनाईं।
इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महिला आरक्षण लागू करने का अधिकार संसद के पास है, लेकिन राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है।
महिला आरक्षण को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच जारी इस टकराव ने उत्तराखंड की राजनीति को गरमा दिया है और आने वाले समय में यह मुद्दा और तूल पकड़ने के आसार हैं।


