फर्रुखाबाद। जनपद में भूमाफिया और राजस्व विभाग की कथित सांठगांठ की शिकायत नई डीएम के दरबार मंगलवार पहुंची,जिसमें दलित किसान की जमीन पर जबरन कब्जा कर कोल्ड स्टोरेज की दीवार खड़ी करने का आरोप लगा है। पीड़ित ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर न केवल कब्जा हटाने बल्कि संबंधित अधिकारियों और भूमाफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता रामपाल जाटव निवासी ग्राम अमेठी जदीद, तहसील सदर ने आरोप लगाया है कि उनके नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज गाटा संख्या 533, 534, 535, 536, 537 की भूमि पर दबंग तरीके से कब्जा कर लिया गया है। आरोप है कि खटकपुरा निवासी फाइक शमसी पुत्र सलीम शमसी ने जबरन जमीन पर कब्जा करते हुए कोल्ड स्टोरेज की चारदीवारी खड़ी कर ली, जबकि उक्त भूमि की बिक्री कभी नहीं की गई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दिनांक 30-01-2025 की जांच रिपोर्ट में साफ लिखा गया कि कोल्ड स्टोरेज मालिक फाइक शमसी का अवैध कब्जा पाया गया। इसके बावजूद आज तक न तो कब्जा हटाया गया और न ही आरोपी पर कोई ठोस कार्रवाई हुई।
तहसील कर्मियों पर गंभीर आरोप
पीड़ित का आरोप है कि तहसील सदर के लेखपाल, नायब तहसीलदार और अन्य कर्मचारी खुलेआम भूमाफिया का साथ दे रहे हैं। आरोप है कि फाइक शमसी से पैसे लेकर जांच रिपोर्ट बदल दी गई और मामले को दबा दिया गया। यहां तक कि समाधान दिवस और अन्य शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि 28-02-2025 को राजस्व टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची, लेकिन किसी कारणवश कब्जा नहीं हटवाया गया। सवाल उठता है कि जब पुलिस मौजूद थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
बार-बार शिकायत, फिर भी न्याय से वंचित
पीड़ित का कहना है कि उसने जिलाधिकारी सहित कई उच्चाधिकारियों को बार-बार प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन हर बार सिर्फ जांच के आदेश मिलते हैं, जमीनी कार्रवाई नहीं होती। इससे साफ संकेत मिलता है कि कहीं न कहीं सिस्टम के भीतर ही इस कब्जे को संरक्षण मिल रहा है।
बड़ा सबाल ये है जब जांच में अवैध कब्जा साबित हो चुका है, तो आखिर किसके दबाव में कार्रवाई रोकी जा रही है? क्या तहसील स्तर पर भ्रष्टाचार इतना मजबूत हो चुका है कि पीड़ित को न्याय मिलना मुश्किल हो गया है?


