उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे के 594 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 29 अप्रैल को हरदोई में किए जाने की तैयारी है। इससे पहले इस महत्वाकांक्षी परियोजना के कई हिस्सों पर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह सख्त कर दिया गया है।
संभल जिले में एक्सप्रेस-वे का 38.6 किलोमीटर हिस्सा पुलिस के पूर्ण नियंत्रण में ले लिया गया है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि उद्घाटन समारोह पूरा होने तक इस मार्ग पर किसी भी वाहन के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत एक्सप्रेस-वे पर वाहनों के लिए गति सीमा भी निर्धारित की गई है। हल्के वाहनों के लिए अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा की सीमा तय की गई है। इसके अलावा दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है और ओवर-स्पीडिंग पर स्वचालित कैमरों के जरिए चालान की व्यवस्था की गई है।
संभल जिले में यह एक्सप्रेस-वे 92 से 131 चैनेज के बीच आता है, जिसके लिए 31 गांवों की भूमि अधिग्रहित की गई है। जिले के अचलपुर गांव में लहरावन कट के पास 29 अप्रैल को स्थानीय उद्घाटन समारोह भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें 5,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है और इसके लिए जर्मन हैंगर लगाया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के होमगार्ड एवं राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति भी शामिल होंगे। प्रशासन का कहना है कि इस एक्सप्रेस-वे के आसपास औद्योगिक गलियारे के विकास की योजना है, जिसके लिए चार गांवों में 239 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की जा चुकी है, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।


