उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है, जिससे राज्य के ज्यादातर जिले बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। शुक्रवार को प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, मेरठ, अलीगढ़, शाहजहांपुर और हरदोई समेत कई शहरों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
प्रदेश में सबसे अधिक तापमान प्रयागराज में दर्ज किया गया, जहां पारा 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा बांदा में 44.3 डिग्री और हमीरपुर में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों के दैनिक कामकाज और जनजीवन पर गहरा असर डाला है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 45 जिलों में लू की चेतावनी जारी की है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में वार्म नाइट की स्थिति की आशंका जताई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिन तक गर्म हवाओं का असर जारी रह सकता है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
हालांकि राहत की खबर यह है कि 26 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इससे तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे लू के प्रकोप में कुछ राहत मिलेगी।
लखनऊ में भी शुक्रवार को तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर में बाजारों और सड़कों पर भीड़ कम देखी गई। लोग गर्मी से बचने के लिए सिर ढककर और पानी साथ लेकर निकलते नजर आए।
भीषण गर्मी को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत बच्चों को धूप में बाहर गतिविधियों से रोका गया है और प्रार्थना सभाएं छायादार स्थानों में कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्कूलों में पेयजल, पंखे और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।


