–फ्लाई इंफ्राटेक फर्म को नगर आयुक्त ने किया था ब्लैक लिस्ट
–16 अप्रैल 2026 को मुख्य अभियंता ने आदेश जारी कर ब्लैकलिस्टिंग को किया निरस्त
शाहजहांपुर। नगर निगम शाहजहांपुर द्वारा फ्लाई इंफ्राटेक फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने पूर्व में जारी ब्लैकलिस्टिंग आदेश को प्रभावहीन मानते हुए प्रतिवादियों को नए सिरे से कारण बताओ नोटिस जारी करने की छूट दे दी है। मामला एम/एस फ्लाई इन्फ्राटेक पार्टनर राकेश पाठक द्वारा दाखिल रिट याचिका से जुड़ा है। याचिका में 25 मार्च 2026 को नगर आयुक्त नगर निगम शाहजहांपुर द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें फर्म को अनियमितताओं के आरोप में ब्लैकलिस्ट करते हुए उसके सभी कार्य निरस्त कर दिए गए थे। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने दलील दी कि बिना सुनवाई का अवसर दिए ब्लैकलिस्ट करना सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ है। वहीं प्रतिवादी पक्ष की ओर से बताया गया कि 16 अप्रैल 2026 को मुख्य अभियंता द्वारा आदेश जारी कर ब्लैकलिस्टिंग वाले हिस्से को निरस्त कर दिया गया है और इसे नोटिस मानते हुए फर्म से जवाब मांगा गया है।
कोर्ट ने माना कि पहले आदेश में ब्लैकलिस्टिंग के स्पष्ट आधार नहीं दिए गए थे, इसलिए उसे कारण बताओ नोटिस नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने कहा कि अब पूर्व आदेश अस्तित्व में नहीं है और प्रतिवादी यदि कार्रवाई करना चाहते हैं तो विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाते हुए नया कारण बताओ नोटिस जारी करें। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि नोटिस मिलने के बाद याचिकाकर्ता 10 दिनों के भीतर जवाब देगा, जबकि सक्षम प्राधिकारी तीन माह के भीतर पूरे प्रकरण का निस्तारण करेगा। कोर्ट ने इसी के साथ याचिका का निस्तारण कर दिया।


