मैनपुरी
जनपद में पड़ रही भीषण गर्मी अब लोगों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। लगातार बढ़ते तापमान के चलते डायरिया, बुखार, पेट दर्द और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि डायरिया और बुखार की चपेट में आकर दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक वृद्ध ने उच्च रक्तचाप के चलते दम तोड़ दिया। इन घटनाओं के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोगांव क्षेत्र के नगला वन निवासी प्रीतम सिंह का पांच माह का पुत्र रिहान पिछले चार दिनों से डायरिया से पीड़ित था। परिजन उसका इलाज निजी चिकित्सक से करा रहे थे, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। सोमवार देर रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसी तरह भोगांव क्षेत्र के ही गांव दुर्गापुर निवासी हरनाथ का एक वर्षीय पुत्र अंशू पिछले तीन दिनों से बुखार से पीड़ित था। परिजन उसका भी निजी अस्पताल में इलाज करा रहे थे, लेकिन मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे उसकी हालत बिगड़ गई। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। इन दोनों घटनाओं ने इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।
वहीं, नगर के दीवानी रोड स्थित एक वृद्धाश्रम में रह रहे 70 वर्षीय रामगोपाल पाठक, जो लंबे समय से उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे, को भी गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
भीषण गर्मी के कारण जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है। मंगलवार को कुल 983 मरीजों ने पंजीकरण कराकर इलाज कराया, जिनमें से 600 से अधिक मरीज बुखार, डायरिया, पेट दर्द, खांसी-जुकाम, सांस और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं से ग्रसित पाए गए। इमरजेंसी वार्ड में भी 57 मरीजों को भर्ती किया गया, जिनमें से 11 की हालत गंभीर होने पर उन्हें सैफई पीजीआई रेफर किया गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को चेतावनी दी है कि इस भीषण गर्मी में विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्का भोजन करना, धूप में निकलने से बचना और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। बच्चों और बुजुर्गों को खासतौर पर सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि वे इस मौसम में सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं।
प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें और लापरवाही न बरतें। लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है, ऐसे में सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।


