– क्या खत्म होगा ‘सेटिंग-ट्रांसफर’ का खेल?
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। नई तबादला नीति को लेकर मंथन तेज हो गया है, जिसमें सबसे बड़ा फोकस कर्मचारियों की पारिवारिक स्थिति, दिव्यांग हित और लंबे समय से जमे सिस्टम को तोड़ने पर रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक यह नीति लागू होते ही प्रदेश के लाखों कर्मचारियों पर सीधा असर पड़ेगा।
सबसे अहम प्रावधान यह है कि पति-पत्नी को एक ही जिले में तैनाती देने को प्राथमिकता दी जाएगी। लंबे समय से अलग-अलग जिलों में तैनात दंपत्ति कर्मचारियों की समस्याओं को देखते हुए यह फैसला लिया जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इसे “फैमिली बैलेंस मॉडल” के तौर पर देखा जा रहा है।
इसके साथ ही सरकार दिव्यांग कर्मचारियों को बड़ी राहत देने जा रही है। प्रस्ताव के अनुसार दिव्यांग कर्मियों को मनचाहे स्थान पर तबादले का विकल्प मिलेगा, वहीं उन्हें अनावश्यक ट्रांसफर से छूट भी दी जाएगी। इतना ही नहीं, जिन कर्मचारियों के परिवार में दिव्यांग आश्रित हैं, उन्हें भी विशेष राहत देने की तैयारी है।
तबादला नीति का बड़ा बदलाव: परिवार, दिव्यांग और सिस्टम सुधार के नाम पर नई रणनीति


