– एक साल से फरार 50 हजार का इनामी गैंगस्टर पुलिस की पकड़ से बाहर
– जिले के एक विधायक वरदहस्त प्राप्त, शातिर पर क्यों ढीली पुलिस?
फर्रुखाबाद। जिले की कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। 50 हजार रुपये के इनामी, कुख्यात गैंगस्टर और सपा नेता के रूप में चर्चित योगेंद्र सिंह यादव उर्फ चन्नू, पुत्र स्वर्गीय शिव सिंह, निवासी लोको कॉलोनी फतेहगढ़, पिछले एक वर्ष से फरार चल रहा है, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
चन्नू का नाम जिले के चर्चित अखंड प्रताप सिंह हत्याकांड में मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया था। इसके अलावा उसके खिलाफ हत्या, गैंगस्टर, रंगदारी, अवैध कब्जा और अन्य गंभीर धाराओं में दर्जनों मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं। प्रशासन द्वारा उसे भू-माफिया भी घोषित किया जा चुका है, इसके बावजूद उसकी गिरफ्तारी न होना कई सवालों को जन्म दे रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पुलिस छोटी-छोटी घटनाओं में घंटों के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार करने के दावे करती है, तो आखिर एक साल से 50 हजार का इनामी अपराधी कहां गायब है? क्या वह प्रदेश से बाहर है, या फिर उसे किसी प्रभावशाली संरक्षण का लाभ मिल रहा है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि चन्नू और उसके सहयोगियों द्वारा वर्षों से रेलवे की बेशकीमती जमीन पर कब्जा किया गया है। इस मामले में कई बार शिकायतें भी हुईं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। फरारी के दौरान भी उसके नेटवर्क के सक्रिय होने की चर्चाएं लगातार सामने आती रही हैं।
जनता के बीच यह चर्चा भी तेज है कि आखिर पुलिस की विशेष टीमें, सर्विलांस और आधुनिक तकनीकें एक साल में भी इस इनामी गैंगस्टर तक क्यों नहीं पहुंच सकीं। यदि एक घोषित गैंगस्टर और भू-माफिया खुलेआम कानून को चुनौती देता रहे और पुलिस उसे पकड़ न सके, तो अपराधियों के मनोबल पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह बड़ा प्रश्न है।
अब निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। जनता जानना चाहती है कि चन्नू आखिर कहां है? उसे आसमान निगल गया या धरती फट गई? या फिर यह मामला केवल कागजों में इनाम घोषित करने तक ही सीमित रह गया है। जिले में चर्चा है कि जब तक इस फरार गैंगस्टर की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक पुलिस के अपराध नियंत्रण के दावों पर सवाल उठते रहेंगे।


