बागी सांसदों पर गरजे राउत, कल होगी शक्ति परीक्षा
मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में टूट की अटकलों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पार्टी के सांसदों को पाला बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये एडवांस दिए जा चुके हैं, जबकि कुल सौदा 50 करोड़ रुपये तक का बताया जा रहा है। राउत ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में खुलेआम राजनीतिक खरीद-फरोख्त की जा रही है और भाजपा समर्थित ताकतें शिवसेना यूबीटी को कमजोर करने की साजिश रच रही हैं।
बुधवार को प्रेस वार्ता में राउत ने कहा कि कुछ सांसदों के फोन बंद हैं और उन्हें दिल्ली में सक्रिय किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो सांसद पार्टी छोड़ना चाहते हैं, उन्हें पहले इस्तीफा देना चाहिए। जनता ऐसे विश्वासघात को कभी माफ नहीं करेगी। राउत ने दावा किया कि “रातों-रात पैसा पहुंचा दिया गया है और इसकी पूरी जानकारी हमारे पास है।”
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 18 जून को नई दिल्ली में सभी सांसदों की आपात बैठक बुलाई है। बैठक में अनुपस्थित रहने वाले सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और स्पष्ट किया गया है कि गैरहाजिर रहने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा 22 जून को मुंबई स्थित ‘शिवालय’ कार्यालय में सभी विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की भी बैठक बुलाई गई है।
उधर, शिवसेना यूबीटी के सांसद अरविन्द सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर संभावित बागी सांसदों को अलग समूह के रूप में मान्यता देने या किसी अन्य दल में विलय की किसी भी कोशिश पर आपत्ति जताई है। पार्टी ने मांग की है कि किसी भी बागी गुट को संवैधानिक मान्यता न दी जाए। कुछ सांसद शिंदे खेमे का रुख करते हैं तो यह 2022 में हुई शिवसेना की बड़ी टूट के बाद उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ा झटका साबित हो सकता है। फिलहाल सबकी नजरें गुरुवार को होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां यह साफ होगा कि उद्धव ठाकरे अपनी पार्टी को एकजुट रख पाते हैं या फिर महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया राजनीतिक विस्फोट होने वाला है।


