– शोषित और वंचितों के अधिकारों के लिए मैदान में उतरे अमरेंद्र सिंह और शनि पटेल
लखनऊ । समाज में जब अधिकांश युवा अपने करियर और व्यक्तिगत जीवन तक सीमित दिखाई देते हैं, ऐसे समय में युवा अधिवक्ता अमरेंद्र सिंह और शनि पटेल जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। दोनों युवा मजबूत सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से आने के बावजूद समाज के शोषित, वंचित और दबे-कुचले वर्गों की आवाज बनने का प्रयास कर रहे हैं।
हाईकोर्ट से जुड़े अधिवक्ता होने के कारण दोनों युवाओं को कानून की गहरी समझ है। यही कारण है कि वे विभिन्न जनसमस्याओं, प्रशासनिक लापरवाही और सामाजिक अन्याय से जुड़े मामलों में पीड़ितों को कानूनी सलाह और सहयोग प्रदान कर रहे हैं। क्षेत्र में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को न्याय दिलाने के लिए उन्होंने निःस्वार्थ भाव से पहल की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अमरेंद्र सिंह और शनि पटेल केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीन पर जाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं और संबंधित अधिकारियों तक उनकी बात पहुंचाने का प्रयास करते हैं। युवाओं के रोजगार, किसानों की समस्याएं, गरीबों के अधिकार और सामाजिक न्याय से जुड़े विषयों पर उनकी सक्रियता लगातार बढ़ रही है।
राजनीतिक और सामाजिक जानकारों का मानना है कि वर्तमान समय में ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की चिंता करें। अमरेंद्र सिंह और शनि पटेल की कार्यशैली ने क्षेत्र के युवाओं के बीच भी एक सकारात्मक संदेश दिया है कि शिक्षा और संसाधनों का उपयोग केवल व्यक्तिगत उन्नति के लिए नहीं बल्कि समाजहित के लिए भी किया जा सकता है।
दोनों युवाओं का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक लाभ की प्राप्ति नहीं, बल्कि समाज में न्याय, समानता और अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करना है। उनका मानना है कि जब तक समाज का कमजोर वर्ग न्याय और सम्मान के साथ जीवन नहीं जी पाएगा, तब तक वास्तविक विकास की कल्पना अधूरी रहेगी।
जनसमस्याओं को लेकर उनकी बढ़ती सक्रियता ने उन्हें क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाई है और बड़ी संख्या में लोग उनसे उम्मीदें भी जोड़ने लगे हैं। सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता यह संकेत देती है कि नई पीढ़ी का एक वर्ग आज भी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए तैयार है।


