– नौनिहालों को अब मिलेंगी निजी प्ले- स्कूल जैसी आधुनिक सुविधाएं और शिक्षा
– डिजिटल लर्निंग के लिए केंद्रों में लग रहे एलईडी टीवी, पोषण वाटिका की जा रही तैयार
– ईसीसीई किट से खेल- खेल में होगी नौनिहालों की डिजिटल और गतिविधि आधारित पढ़ाई
आगरा, 09 मई। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के बच्चों के बुनियादी विकास और उनकी प्रारंभिक शिक्षा की नींव को मजबूत करने के लिए निरंतर नए आयाम गढ़ रही है। इसी दिशा में ताजनगरी आगरा के सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों पर ‘अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन’ (ईसीसीई) कार्यक्रम का शानदार आगाज हुआ है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत जिले के 212 आंगनबाड़ी केंद्रों को हाईटेक और बाल-सुलभ बनाने के लिए वृहद स्तर पर कायाकल्प किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों की जो पुरानी छवि लोगों के जेहन में थी, वह अब पूरी तरह से बदलने वाली है। अब इन केंद्रों में आने वाले नौनिहालों को निजी प्ले-स्कूलों जैसी बेहतरीन और अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
3 से 6 वर्ष के बच्चों का हो समग्र विकास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि 3 से 6 वर्ष की उम्र बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सबसे अहम होती है, इसलिए इस उम्र में उनकी नींव बेहद मजबूत होनी चाहिए। इसी संकल्प को धरातल पर उतारते हुए आगरा के चयनित 212 केंद्रों का रूप- रंग बदला जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के बच्चों की नींव इतनी ठोस हो कि वे भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार रहें। यह पहल बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर ही आत्मविश्वास से लबरेज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
डिजिटल लर्निंग और सुविधाओं से लैस होंगे केंद्र
सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों की इमारतों का आकर्षक सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। बच्चों को खेल- खेल में सिखाने के लिए दीवारों पर ज्ञानवर्धक ‘वाल पेंटिंग्स’ उकेरी जा रही हैं। साफ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए आरओ सिस्टम और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एलईडी टीवी लगाए जा रहे हैं। बच्चे अब ऑडियो- विजुअल माध्यमों से आसानी से कविताएं और अक्षर ज्ञान सीख रहे हैं। इसके अलावा, कुपोषण को दूर करने और ताजी सब्जियों से बच्चों को पोषण देने के लिए परिसर में ही ‘पोषण वाटिका’ भी तैयार की जा रही है।
नई शिक्षा नीति के तहत ईसीसीई किट से होगी पढ़ाई
राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के मानकों को अपनाते हुए योगी सरकार प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को विशेष ‘ईसीसीई किट’ उपलब्ध करा रही है। इस किट में प्री-स्कूल सामग्री, ईसीसीई मैनुअल (पहल), बाल गतिविधि पुस्तिका और नेशनल बुक ट्रस्ट की 6 कहानियों का विशेष सेट शामिल है। गतिविधि आधारित इस शिक्षा में रंगीन चार्ट, शैक्षिक खिलौनों और पहेलियों के जरिए बच्चों में जिज्ञासा और कल्पना शक्ति का विकास किया जा रहा है। अब शिक्षा नौनिहालों के लिए कोई बोझ नहीं, बल्कि एक आनंदमयी अनुभव बन गई है।
सुरक्षित और खुशनुमा माहौल प्रदान करना लक्ष्य
जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) मनोज कुमार मौर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप आगरा में ‘अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन’ (ईसीसीई) प्रोग्राम को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। जिले के 212 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प तेजी से प्रगति पर है। बिल्डिंग के सौंदर्यीकरण से लेकर आरओ, एलईडी, वॉल पेंटिंग्स और पोषण वाटिका जैसे कार्य कराए जा रहे हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ और खुशनुमा माहौल प्रदान करना है, ताकि शुरुआती शिक्षा और पोषण उच्च कोटि का हो। सरकार की यह सकारात्मक पहल परिवारों को अपने बच्चों को आंगनबाड़ी भेजने के लिए प्रेरित करेगी।
गौरतलब है कि आगरा जनपद में वर्तमान में 3004 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें 2,73,015 बच्चे पंजीकृत हैं। योगी सरकार का यह कदम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बच्चों में आत्मविश्वास भरने और उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगा।


