ईवी सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री, कायमगंज में नए बस अड्डे का प्रस्ताव
क्षत्रिय महासभा ने उठाई बस अड्डे का नाम महाराणा प्रताप के नाम पर रखने की मांग
शरद कटियार
फर्रुखाबाद। महाराणा प्रताप की जयंती में शामिल होने का शनिवार को प्रस्तावित कार्यक्रम से करीब 4 घंटे देरी से पहुंचे परिवहन मंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने फर्रुखाबाद बस अड्डे स्थित ईवी सेंटर और परिवहन व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि वर्तमान में जिले से करीब 300 बसों का संचालन किया जा रहा है और जल्द ही 12 वर्ष पुरानी बसों को बेड़े से हटाकर नई बसें एवं इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। इससे यात्रियों को बेहतर और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई। उन्होंने इसे पूर्व महाराणा प्रताप के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपने समाज के लोगों से मुलाकात की।
मंत्री ने परिवहन विभाग की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए एआरटीओ कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इसके बाद वह महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और क्षत्रिय समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
भ्रमण के दौरान विधायक डॉ. सुरभि ने कायमगंज क्षेत्र में नए बस अड्डे की आवश्यकता बताते हुए मंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखा। बताया गया कि बढ़ती आबादी और यात्रियों की संख्या को देखते हुए कायमगंज में आधुनिक बस अड्डा बनने से क्षेत्र को बड़ी राहत मिल सकती है।
मंत्री ने शहर स्थित राजपूताना होटल में भोजन वीरेंद्र सिंह राठौर के प्रतिष्ठान पर किया और इसके बाद पूर्व विधायक अरविंद प्रताप सिंह के सिविल लाइन स्थित आवास पर भी पहुंचे। सर्किट हाउस में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जहां उन्होंने अपने समाज के लोगों से मुलाकात की। राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर भी संवाद हुआ।
इसी क्रम में जेएनवी रोड स्थित कुशल सिंह परिहार के आवास पर भी पहुंचे । कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने फर्रुखाबाद बस अड्डे का नाम महाराणा प्रताप के नाम पर रखने का प्रस्ताव भी रखा। महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के सम्मान में यह कदम ऐतिहासिक होगा।
इस अवसर पर वीरेंद्र सिंह राठौर, राघवेंद्र सिंह राजू, जिला पंचायत सदस्य आदित्य सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह छोटे सहित बड़ी संख्या में क्षत्रिय महासभा से जुड़े लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में क्षत्रिय महासभा का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।


