लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन में सोमवार को एक ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला जिसने वहां मौजूद लोगों को भी प्रभावित कर दिया। अपनी बुजुर्ग मां के साथ पहुंची एक मेधावी छात्रा ने मुख्यमंत्री से उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। छात्रा ने बताया कि उसने इंटरमीडिएट परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण की है और वह बीटेक की पढ़ाई करना चाहती है, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण आगे की पढ़ाई संकट में पड़ गई है।
मुख्यमंत्री ने छात्रा की मार्कशीट देखी और उसकी पूरी बात ध्यान से सुनी। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि छात्रा का प्रवेश किसी अच्छे संस्थान में सुनिश्चित कराया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश सरकार किसी भी निर्धन या जरूरतमंद छात्र-छात्रा की शिक्षा आर्थिक अभाव के कारण बाधित नहीं होने देगी।
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद छात्रा और उसकी बुजुर्ग मां के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ दिखाई दी। दोनों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि अब बेटी का इंजीनियर बनने का सपना पूरा हो सकेगा।
जनता दर्शन में शिक्षा से जुड़े मामलों के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और भूमि विवादों से संबंधित शिकायतें भी प्रमुखता से सामने आईं। विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों ने पुलिस की लापरवाही, शिकायतों पर कार्रवाई न होने तथा अवैध कब्जों को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।
इन शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे मामलों की व्यक्तिगत मॉनीटरिंग की जाए और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर हीलाहवाली स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देशों में यह भी कहा कि जनता की शिकायतों का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीन पर उसका परिणाम दिखाई देना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में कुछ ऐसे लोग भी पहुंचे जो सीधे मुख्यमंत्री के पास अपनी शिकायत लेकर आ गए थे। इस पर मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने पहले जिला और मंडल स्तर के अधिकारियों से संपर्क किया था। कई लोगों के नकारात्मक उत्तर देने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले स्थानीय प्रशासन और मंडल स्तर के अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रखें, क्योंकि अनेक मामलों का समाधान वहीं पर हो सकता है।
उन्होंने लोगों को भीषण गर्मी से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने का उद्देश्य यही है कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान जिला और मंडल स्तर पर ही हो जाए तथा उन्हें राजधानी तक न आना पड़े।


