– अधिकारियों को सख्त निर्देश,
– शिकायतों पर तत्काल समाधान का आदेश
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 अप्रैल 2026 को अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में सीधे आम लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतों के साथ पहुंचे, जहां सीएम ने हर मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
जनता दर्शन के दौरान भूमि विवाद, पुलिस कार्रवाई में देरी, राजस्व मामलों की जटिलताएं, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और पेंशन जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, कई मामलों में सीएम ने अधिकारियों को तत्काल फोन कर जवाब तलब किया और स्पष्ट समयसीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि हर शिकायत का फॉलोअप हो और पीड़ित को संतोषजनक समाधान मिले।
यह भी स्पष्ट किया गया कि जनता दर्शन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का मंच है। सीएम ने अधिकारियों को चेताया कि यदि शिकायतों का समय पर निस्तारण नहीं हुआ तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय मानी जाए।
जनता दर्शन में दिखाई गई यह सख्ती प्रशासनिक मशीनरी के लिए एक सीधा संदेश है अब शिकायतों को टालने का दौर खत्म, जवाब देना ही होगा।
प्रदेश सरकार की इस पहल को आम जनता के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन असली परीक्षा अब इस बात की है कि दिए गए निर्देश जमीन पर कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ लागू होते हैं।
जनता दरबार,सीएम योगी का एक्शन मोड


