भूमि संरक्षण विभाग में फर्जी हाजिरी से सरकारी धन की लूट का खेल
कमीशनखोरी के आरोपों से घिरा भूमि संरक्षण विभाग, जांच हुई तो खुल सकते हैं बड़े राज
फर्रुखाबाद। भूमि संरक्षण विभाग में संचालित बीबी रामजी योजना एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। विकासखंड कमालगंज क्षेत्र में मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप सामने आया है। आरोप है कि जिस रात जिले में लगातार बारिश होती रही और अधिकांश स्थानों पर काम होना संभव नहीं था, उसी दौरान विभागीय अभिलेखों में बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर दी गई।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत नगरिया में 22, राजेपुर टप्पा मंडल में 58, अभयपुर में 54 तथा हैदरपुर में 32 मजदूरों की हाजिरी दर्ज दिखाई गई। सवाल यह है कि जब लगातार बारिश के कारण खेत और कार्यस्थल पानी से भरे थे, तब आखिर मजदूरों ने कौन सा काम किया,आरोप है कि पूरे फर्जीवाड़े का संचालन जहांगीरपुर निवासी आसिफ पुत्र मसीहुद्दीन खान द्वारा कराया जाता है। बताया जाता है कि मजदूरी का भुगतान खातों में पहुंचने के बाद संबंधित मजदूरों से अधिकांश राशि वापस वसूल ली जाती है। आरोपों के मुताबिक मजदूरों को केवल लगभग 30 प्रतिशत राशि ही मिलती है, जबकि शेष राशि कमीशन के रूप में वापस ली जाती है। यह भी आरोप लगाया गया है कि इस रकम का बड़ा हिस्सा विभाग तक पहुंचाया जाता है।
मामले में टेक्निकल असिस्टेंट विकास कुमार की भूमिका भी सवालों के घेरे में बताई जा रही है। आरोप है कि उनकी निगरानी में फर्जी मस्टर रोल तैयार कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो करोड़ों रुपये के भुगतान और फर्जी हाजिरी का बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन कार्यस्थलों का भौतिक सत्यापन, , जियो टैगिंग, बैंक भुगतान और मौसम के रिकॉर्ड की जांच कराए, तो पूरे खेल का पर्दाफाश हो सकता है। लोगों ने जिलाधिकारी और शासन से उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।


