मुस्लिम विधायकों का नाम लेकर महाना का तंज: राम मंदिर की चिंता अच्छी लगी, चढ़ावे की रसीद दिखाओ
विकास को मिलेगी रफ्तार: 59,019 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने नियम 311 के तहत इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके विरोध में समाजवादी पार्टी के विधायक वेल में पहुंच गए और “चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़” तथा “चंदा चोर” के नारे लगाने लगे। लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
हंगामे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए मुस्लिम विधायकों शाहिद मंजूर और जाहिद बेग का नाम लिया। उन्होंने कहा कि इन्हें भी अब राम मंदिर की चिंता होने लगी है, यह देखकर अच्छा लगा। महाना ने तंज कसते हुए कहा कि यदि आपने मंदिर निर्माण के लिए चढ़ावा या चंदा दिया है तो उसकी रसीद लेकर आइए, ताकि पता चल सके कि आपका कितना पैसा चोरी हुआ है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच के लिए सरकार विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर चुकी है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती।
हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, जहां वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। अनुपूरक बजट में भारी एवं मध्यम उद्योग के लिए 22,107.88 करोड़ रुपये, ग्राम विकास के लिए 17,942.73 करोड़ रुपये, ऊर्जा विभाग के लिए 7,422.27 करोड़ रुपये, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के लिए 6,025 करोड़ रुपये, समाज कल्याण के लिए 1,655 करोड़ रुपये, महिला कल्याण के लिए 1,094.40 करोड़ रुपये तथा लोक निर्माण विभाग के लिए 700.01 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सदन में विपक्ष ने शिक्षा और खाद की उपलब्धता जैसे मुद्दे भी उठाए, जबकि सरकार ने अपने विकास कार्यों और योजनाओं का बचाव किया। चार दिवसीय मानसून सत्र के दूसरे दिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, हंगामे और अनुपूरक बजट की प्रस्तुति चर्चा का प्रमुख विषय रहे।


