– शपथपत्र के बिना नहीं पास होगा भवन का नक्शा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने नए प्रावधान लागू किए हैं। अब छोटी और मध्यम श्रेणी की इमारतों के लिए भी अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत 15 मीटर तक ऊंची इमारतों के निर्माण के लिए भी अग्नि सुरक्षा संबंधी शपथपत्र (एफिडेविट) देना आवश्यक होगा।
नई व्यवस्था के अनुसार, भवन स्वामी या बिल्डर को निर्माण के दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करने का शपथपत्र संबंधित विकास प्राधिकरण अथवा स्थानीय निकाय के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। यदि शपथपत्र जमा नहीं किया गया, तो भवन का नक्शा स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भवन निर्माण पूरा होने के बाद तीन माह के भीतर फायर ऑडिट कराना अनिवार्य होगा। इस ऑडिट के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भवन में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, सुरक्षा संकेतक और अन्य आवश्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं।
अधिकारियों का कहना है कि हाल के वर्षों में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि और कई हादसों में जनहानि को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नए नियमों का उद्देश्य केवल बड़े व्यावसायिक भवनों तक सीमित न रहकर छोटी इमारतों में भी अग्नि सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करना है, ताकि दुर्घटना की स्थिति में लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सरकार ने संबंधित विकास प्राधिकरणों और स्थानीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि नए प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराया जाए। साथ ही भवन स्वामियों और बिल्डरों से अपील की गई है कि वे निर्माण के प्रारंभिक चरण से ही अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करें, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।


