महाराष्ट्र के नासिक में अगस्त 2027 में होने वाले कुंभ मेले के आयोजन स्थल के पास अंबड औद्योगिक क्षेत्र के भूजल में जहरीला क्रोमियम-6 पाया गया है। एक प्रयोगशाला जांच में इसकी मात्रा 50.3 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई, जबकि पेयजल में इसकी निर्धारित सीमा 0.05 मिलीग्राम प्रति लीटर है। जांच के मुताबिक, पानी में इसकी मात्रा तय सीमा से 1,000 गुना से भी ज्यादा है।
दक्षिण एशिया बांध, नदियां और जन संगठन (SANDRP) के लिए कराई गई जांच के नतीजों से लोगों की सेहत और गोदावरी नदी में स्नान को लेकर चिंता बढ़ गई है। संगठन ने दूषित नालों और गोदावरी नदी के पानी की भी जांच कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने बोरवेल से पीला पानी आने की शिकायत की है। रिपोर्ट के मुताबिक, दूषित पानी के संपर्क में आने से बच्चों समेत कई लोगों को त्वचा पर चकत्ते, छाले और दर्दनाक घाव होने की बात सामने आई है।
मामले में महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 30 सितंबर को एक कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। खबर के मुताबिक, इलाके की 15 फैक्टरियों को बंद करने के नोटिस दिए जाने या उन्हें सील किए जाने की कार्रवाई भी सामने आई है। नासिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने रविवार को नासिक दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने भी जांच रिपोर्ट रखी।
क्रोमियम-6 क्रोमियम धातु का जहरीला रासायनिक रूप है, जिसका इस्तेमाल धातुओं पर परत चढ़ाने और औद्योगिक सतहों के उपचार में किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी इसके यौगिकों को मनुष्यों में कैंसरकारी मानती है। भूजल में इसकी अधिक मात्रा मिलने से स्थानीय लोगों की सेहत और पर्यावरण पर संभावित असर को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे में दूषित पानी के स्रोतों की पहचान, पानी की विस्तृत जांच और प्रभावित इलाकों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।


