लखनऊ
ईको गार्डन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर जुटे हैं। इन्हीं कर्मचारियों में मीरजापुर में तैनात NHM चाइल्ड हेल्थ स्टाफ अंजलि राय भी अपने बच्चे के साथ पहुंचीं। उन्होंने अपनी आर्थिक परेशानियां बताते हुए कहा कि 20 हजार रुपये महीने की सैलरी में घर चलाना, बच्चे की परवरिश करना और उसके भविष्य के लिए पैसे बचाना बेहद मुश्किल है। अंजलि ने अधिकारियों के खर्च और कर्मचारियों के वेतन के बीच अंतर पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समान काम के लिए समान वेतन और नौकरी को स्थायी करना शामिल है।
अंजलि राय ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि सीमित वेतन में परिवार की सभी जरूरतें पूरी करना चुनौती बन गया है। उनके मुताबिक, महीने की कमाई का एक बड़ा हिस्सा कमरे के किराये में ही खर्च हो जाता है। उन्होंने बताया कि 20 हजार रुपये की सैलरी में करीब 5 से 6 हजार रुपये किराये के लिए देने पड़ते हैं। इसके बाद बच्चे के दूध, खाने-पीने, घरेलू जरूरतों और अन्य जरूरी खर्चों के लिए पैसे बचते हैं। ऐसी स्थिति में भविष्य के लिए बचत करना कठिन हो जाता है। अंजलि का कहना है कि नौकरी करने के बावजूद परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अंजलि ने बताया कि वह मूल रूप से मऊ की रहने वाली हैं, लेकिन उनकी तैनाती घर से दूर नोएडा में कर दी गई थी। दूर तैनाती होने के कारण उन्हें परिवार और नौकरी के बीच संतुलन बनाने में परेशानी होती है। उन्होंने अपनी शादी का जिक्र करते हुए बताया कि शादी के बाद बच्चे की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। ऐसे में किराया, बच्चे की जरूरतें और रोजमर्रा के खर्च संभालना आसान नहीं है। प्रदर्शन में अपने बच्चे को साथ लेकर पहुंचीं अंजलि ने कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और नौकरी की अनिश्चितता से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा। उनका कहना है कि कर्मचारियों को उनके काम और जिम्मेदारियों के अनुरूप वेतन तथा नौकरी की सुरक्षा मिलनी चाहिए।
ईको गार्डन में प्रदर्शन कर रहे NHM कर्मचारियों की मांग है कि समान काम करने वाले कर्मचारियों को समान वेतन दिया जाए और लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को स्थायी किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने के बावजूद उन्हें वेतन और नौकरी की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अंजलि राय की बातों ने उन परिवारों की चिंता को सामने रखा है, जिनके लिए सीमित मासिक आय में घर चलाना और बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना बड़ी चुनौती है। अब कर्मचारियों की नजर सरकार के रुख और उनकी मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर है। प्रदर्शनकारियों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और वेतन तथा नौकरी की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे।


