देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। राजस्थान में तेज बारिश और आंधी की आशंका के चलते 16 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के 15 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश और जलभराव से कई इलाकों में लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश में गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। लखनऊ में भी जलभराव की स्थिति गंभीर बताई गई है। शहर की कई कॉलोनियों में करीब तीन फीट तक पानी भरा होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। घरों में पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित है। प्रशासन के सामने जलनिकासी और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है।
राजस्थान में मौसम विभाग ने 16 जिलों में तेज बारिश और आंधी का यलो अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के दोबारा सक्रिय होने से बारिश की संभावना जताई गई है। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो सकती है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होने के भी आसार हैं, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में छिपलाकोट की ऊंची चोटियां अक्टूबर में ही बर्फ से ढक गई हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब एक दशक बाद इस क्षेत्र में अक्टूबर के दौरान बर्फबारी दर्ज की जा रही है, जबकि यहां आमतौर पर दिसंबर और जनवरी में बर्फ पड़ती है। मौसम में इस बदलाव से पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ने की संभावना है। बारिश, आंधी और बर्फबारी को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए।


