– दो टीमों की छापेमारी से मचा हड़कंप
– कम्पिल मे भी कई प्रमुख कारोबारियों पर रडार
कायमगंज। तंबाकू कारोबार के लिए अपनी अलग पहचान रखने वाले कायमगंज में एक बार फिर केंद्रीय जांच एजेंसी की दस्तक से व्यापारिक हलकों में खलबली मच गई। मंगलवार सुबह डीजीजीआई लखनऊ की दो टीमों ने तंबाकू कारोबार से जुड़े कारोबारियों के आवास और गोदामों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि टीमों के पहुंचने के बाद ही कारोबारियों और आसपास के लोगों को इसकी भनक लगी।
डीजीजीआई की टीमों ने रेलवे रोड निवासी तंबाकू कारोबारी लोकमन निवासी गौरव गुप्ता के आवास और गोदामों पर पहुंचकर जांच शुरू की। टीमों ने कारोबार से संबंधित दस्तावेज, खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड, स्टॉक और अन्य अभिलेख खंगालने शुरू किए। दोनों ठिकानों पर जांच चलने की खबर जैसे-जैसे कायमगंज के बाजार में पहुंची, वैसे-वैसे अन्य तंबाकू कारोबारियों में भी बेचैनी बढ़ती गई।
यह पहला मौका नहीं है जब कायमगंज का तंबाकू कारोबार जांच एजेंसियों के रडार पर आया हो। इससे पहले जून 2026 में डीजीजीआई की टीम ने कायमगंज और शमसाबाद क्षेत्र में तंबाकू कारोबार से जुड़े छह ठिकानों पर लंबी जांच की थी। यह कार्रवाई करीब 16 घंटे तक चली थी, जिसमें जीएसटी रिटर्न, खरीद-बिक्री के अभिलेख, ई-वे बिल, स्टॉक रजिस्टर और डिजिटल रिकॉर्ड तक खंगाले गए थे।इसके बाद अगस्त 2026 में जीएसटी एसआईबी इटावा की टीम ने कायमगंज की तीन तंबाकू फर्मों के गोदामों पर औचक कार्रवाई की थी। जांच के दौरान कुल 2,875.6 क्विंटल तंबाकू जब्त की गई थी। इनमें एक गोदाम में घोषित स्टॉक से 445 क्विंटल तंबाकू अधिक मिलने की बात विभागीय कार्रवाई में सामने आई थी। कारोबारियों को अपना पक्ष रखने और सुनवाई का अवसर दिए जाने की बात भी अधिकारियों ने कही थी।
इससे पहले मई 2026 में भी लखनऊ में पकड़ी गई तंबाकू के इनपुट के आधार पर कायमगंज की एक फर्म पर जीएसटी विभाग ने जांच की थी। उस मामले में विभाग ने दस्तावेज और स्टॉक का मिलान किया था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार लखनऊ में पकड़ी गई तंबाकू के मामले में आठ लाख रुपये की पेनाल्टी जमा कराई गई थी, जबकि कायमगंज की फर्म ने पकड़े गए माल पर अपनी स्वामित्व की बात स्वीकार नहीं की थी।


