RTI में पुलिस ने बताया- ‘उपयोगकर्ता की भाषा समझ नहीं आई’
फर्रुखाबाद। कमालगंज थाना क्षेत्र से जून 2023 में चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी तीन साल बाद भी नहीं हो सकी है। पीड़ित मो. आरिफ सिद्दीकी निवासी गदनपुर देवराजपुर ने मोबाइल चोरी की शिकायत के बाद जांच की प्रगति जानने के लिए सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी। पुलिस की ओर से दिए गए जवाब में मोबाइल के ओडिशा में ट्रेस होने की बात सामने आई है, लेकिन इसके बावजूद मोबाइल बरामद नहीं किया जा सका।
पीड़ित के मुताबिक, भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से मोबाइल की ट्रेसबिलिटी रिपोर्ट सामने आई थी। पुलिस की आख्या में बताया गया कि मोबाइल का इस्तेमाल ओडिशा में किया जा रहा था। पीड़ित ने जब मोबाइल उपयोगकर्ता से संपर्क और बरामदगी की कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी तो कमालगंज पुलिस की ओर से जवाब दिया गया कि उपयोगकर्ता से संपर्क किया गया, लेकिन उसकी भाषा समझ में नहीं आ सकी।मामले में पीड़ित ने पुलिस की कार्रवाई और विवेचना से संबंधित कई बिंदुओं पर आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी। आरोप है कि विवेचक का नाम और मामले की प्रगति जैसी सूचनाओं के संबंध में पुलिस अधिकारियों ने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 8(1)(g) और 8(1)(h) का हवाला देकर जानकारी देने से इनकार किया। वहीं सर्विलांस सेल से सीईआईआर पोर्टल से संबंधित रिपोर्ट मांगे जाने पर धारा 8(1)(j) का हवाला दिया गया।पीड़ित का कहना है कि सीईआईआर से मोबाइल की ट्रेसबिलिटी रिपोर्ट 5 जुलाई 2023 और फिर 7 मार्च 2025 को सामने आने के बावजूद बरामदगी नहीं हो सकी। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उच्च अधिकारियों से मामले की जांच और मोबाइल की बरामदगी की मांग की है।
पीड़ित ने प्रथम अपील के माध्यम से भी अधिकारियों का ध्यान मामले की ओर दिलाया। अब उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील करने की बात कही है। साथ ही मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग करने की तैयारी की जा रही है।मामले में अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि चोरी हुआ मोबाइल दूसरे राज्य में ट्रेस होने की जानकारी पुलिस के पास थी, तो उसकी बरामदगी के लिए अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय के स्तर पर क्या कार्रवाई की गई। पीड़ित ने डीआईजी कानपुर रेंज और शासन से मामले में कार्रवाई की मांग की है।


