लिखा- प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा केंद्र सरकार ने मंजूर कर लिया है। दिव्या ने 30 अगस्त को व्यक्तिगत कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों का हवाला देते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था। सोमवार देर रात उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस्तीफा स्वीकार होने की जानकारी साझा की और लिखा- “प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो।”
दिव्या मित्तल मई में देवरिया के जिलाधिकारी पद से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव बनाई गई थीं। करीब चार महीने पहले उनका तबादला लखनऊ हुआ था। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद उन्होंने कवि जयशंकर प्रसाद के नाटक ‘चंद्रगुप्त’ की प्रसिद्ध पंक्तियां साझा कीं। इससे उनके अगले कदम को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। दो दिन पहले उन्होंने वैष्णो देवी के दर्शन किए थे और लिखा था- “आगे की राह कठिन है… सदबुद्धि देना मां।”
आईएएस बनने से पहले दिव्या मित्तल का करियर भी काफी चर्चित रहा है। आईआईटी दिल्ली से बीटेक और आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए करने के बाद उन्होंने लंदन में नौकरी की। लाखों रुपये की नौकरी छोड़कर भारत लौटीं और सिविल सेवा की तैयारी की। पहले प्रयास में आईपीएस बनीं और अगले ही प्रयास में आईएएस में चयनित हुईं। 13 साल की सेवा के बाद इस्तीफा देने के समय उनकी करीब 17 साल की नौकरी बाकी थी।
दिव्या मित्तल मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। प्रशासनिक कामकाज में उनकी सख्त और सक्रिय छवि रही। मौके पर अधिकारियों को फटकार लगाने और योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के उनके अंदाज की चर्चा होती रही। उनके पति गगनदीप सिंह भी भारतीय व्यापार सेवा के अधिकारी रह चुके हैं और 2022 में सरकारी सेवा से इस्तीफा दे चुके हैं।
दिव्या मूलरूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं। लंदन में नौकरी के दौरान उनकी मुलाकात गगनदीप सिंह से हुई थी और दोनों ने विवाह किया। सिविल सेवा में आने के बाद दिव्या ने प्रशासनिक सेवा में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। अब इस्तीफा मंजूर होने के बाद उनके भविष्य के कदम पर निगाहें टिकी हैं।


