एलीवेटेड रोड से गिरा मलबा
लखनऊ। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क धंसने की शिकायतों के बाद अब बंथरा क्षेत्र में नवनिर्मित एलीवेटेड रोड से मलबा गिरने की घटना सामने आई है। रविवार देर रात करीब 11:45 बजे आजाद विहार कॉलोनी में रॉयल गेस्ट हाउस के सामने एलीवेटेड रोड की छत से अचानक मलबा नीचे गिरने लगा। गनीमत रही कि जिस समय मलबा गिरा, उसकी चपेट में कोई राहगीर या वाहन नहीं आया। घटना के बाद आसपास से गुजर रहे लोगों में अफरातफरी मच गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक एलीवेटेड रोड से मलबा गिरने की जानकारी तत्काल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को दी गई। सूचना के बाद एक अधिकारी मौके पर पहुंचा और घटनास्थल की फोटो खींचने के बाद लौट गया। हालांकि, मलबा गिरने की वजह क्या है और निर्माण में किसी स्तर पर लापरवाही हुई है या नहीं, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। स्थानीय लोगों ने एलीवेटेड मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
खास बात यह है कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 13 जुलाई 2026 को हुआ था और अगले दिन से इसे आम वाहनों के लिए खोल दिया गया था। एक्सप्रेसवे के संचालन के बाद पहली बारिश में ही ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में सड़क धंसने की शिकायतें सामने आई थीं। अब एलीवेटेड रोड से मलबा गिरने की घटना ने निर्माण की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एलीवेटेड रोड से लगातार या अचानक मलबा गिरना राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। यदि भारी मलबा तेज रफ्तार वाहन या किसी व्यक्ति पर गिरता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में संबंधित विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए एलीवेटेड रोड का तकनीकी निरीक्षण कराना चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि मलबा किन कारणों से गिरा।
उधर, कानपुर के जाजमऊ पुराने गंगा पुल पर मरम्मत कार्य के चलते लखनऊ-उन्नाव की ओर से आने वाले भारी वाहनों के आवागमन पर भी रोक की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 13 सितंबर से शुरू हुई यह व्यवस्था 15 सितंबर तक परीक्षण के तौर पर लागू रहेगी। व्यवस्था सफल रहने पर 16 सितंबर से करीब तीन महीने तक पुराने गंगा पुल से भारी वाहन कानपुर की ओर नहीं आ सकेंगे। हालांकि छोटे वाहनों को एक लेन से नियंत्रित गति में आवागमन की अनुमति रहेगी। पुल पर बेयरिंग, सड़क, फुटपाथ और रेलिंग के जीर्णोद्धार का कार्य किया जाना है।


