– न्यायिक अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया रक्तदान
कन्नौज। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को नवीन न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नरेंद्र कुमार झा सहित अन्य न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर पीठासीन अधिकारी एमएसीटी इंदु द्विवेदी, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय उमेश चंद्र पांडेय, अपर जिला जज प्रथम एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी रवींद्र कुमार द्विवेदी, जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार प्रेमी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पौमेला श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
लोक अदालत परिसर में विभिन्न प्रशासनिक विभागों की ओर से योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाए गए। इसके साथ ही मेडिकल कैंप और रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। इसमें न्यायिक अधिकारियों के साथ कर्मचारियों ने भी रक्तदान कर सामाजिक सरोकार का संदेश दिया।
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के समक्ष अंगद लाल बनाम एसबीआई जनरल इंश्योरेंस मामले का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। इस मामले में पीड़ित को एक करोड़ दस लाख रुपये की धनराशि दिलाई गई।
पीड़ित के अधिवक्ता नवनीत मिश्रा तथा बीमा कंपनी के अधिवक्ता विजय कुमार अवस्थी के सक्रिय सहयोग और प्रयासों से मामले का निस्तारण हुआ। एक ही प्रकरण में इतनी बड़ी धनराशि का समझौता लोक अदालत के प्रमुख आकर्षणों में रहा।
जनपद न्यायालय कन्नौज में निस्तारण के लिए कुल 15,061 वाद संदर्भित किए गए थे। इनमें से सुलह-समझौते के आधार पर 1,523 वादों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 6 करोड़ 80 लाख 61 हजार 299 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित कर वसूल किया गया।
वहीं प्रशासनिक स्तर पर कुल 1,42,659 वाद संदर्भित किए गए थे, जिनमें से 51,337 वादों का निस्तारण किया गया। सुलह-समझौते के आधार पर इन मामलों में 13 करोड़ 54 लाख 59 हजार 225 रुपये की धनराशि वादों के निस्तारण के लिए आदेशित की गई।
इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक एवं प्रशासनिक स्तर पर कुल 52,860 वादों का निस्तारण हुआ और कुल 20 करोड़ 35 लाख 20 हजार 524 रुपये की धनराशि आदेशित की गई।
लोक अदालत के दौरान अधिकांश न्यायालयों में नेटवर्क और सर्वर की समस्या के कारण मुकदमों के निस्तारण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद अपर जिला जज तृतीय श्रीमती पूर्णिमा पाठक के न्यायालय ने उल्लेखनीय कार्य किया।
न्यायालय में लोक अदालत के लिए लंबित 405 मुकदमों में से 400 मुकदमों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। न्यायालय के पेशकार अनुराग शुक्ला ने यह जानकारी दी।


