बांदा में 21 अधिकारियों का वेतन रोका, एसडीएम-तहसीलदार और अधिशासी अभियंताओं पर भी कार्रवाई
बांदा। जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिलाधिकारी अमित आसेरी ने सख्त कार्रवाई की है। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर डीएम ने 21 अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से लिए गए फीडबैक की समीक्षा में कई मामलों में असंतोष सामने आया। शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि का स्तर कम मिलने और निस्तारण प्रक्रिया में लापरवाही पाए जाने के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया।
डीएम की कार्रवाई में एसडीएम और तहसीलदार भी शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों के अधिशासी अभियंताओं समेत कुल 21 अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।
प्रशासन की ओर से आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण पर लगातार जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि शिकायत का केवल कागजी निस्तारण न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक में असंतोष मिलने के बाद डीएम ने संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा कराई। समीक्षा में लापरवाही सामने आने पर वेतन रोकने की कार्रवाई की गई।
डीएम के इस सख्त रुख से अधिकारियों में खलबली है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और शिकायतकर्ता के असंतुष्ट रहने की स्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा तथा आगे भी जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।


