– उपमुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत
– नाबालिग के बयान बदलवाने से लेकर 10 वर्षीय आशुतोष हत्याकांड में कार्रवाई न होने से रोष
– पीड़ित परिवार ने की उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से कार्यवाही की मांग
फर्रुखाबाद। जहानगंज थाना प्रभारी पूनम अवस्थी की कार्यप्रणाली अब न्यायालय से लेकर शासन स्तर तक पहुंच गईं हैं। थाना प्रभारी के खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय में परिवाद दाखिल हुआ है।एक मामला नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के बाद उसकी बरामदगी और बयान बदलवाकर बालिग घोषित किए जाने से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला कोरीखेड़ा के 10 वर्षीय आशुतोष गुप्ता की हत्या की विवेचना और पीड़ित परिवार के साथ अभद्रता व मारपीट से संबंधित है।
आशुतोष के परिवार ने गुरुवार उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किसी अन्य सक्षम अधिकारी से कराने की मांग की है।
महमूदापुर निवासी सरोजनी देवी पत्नी स्वर्गीय रमेश चंद्र की ओर से न्यायालय में दाखिल परिवाद में आरोप लगाया गया है कि उनकी नाबालिग बेटी को एक युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। परिवार के अनुसार पुलिस ने किशोरी को आठ अगस्त को पानीपत से बरामद किया।परिवाद में आरोप लगाया गया है कि बरामदगी के बाद किशोरी को करीब पांच दिन वन स्टॉप सेंटर में रखा गया। इसके बाद परिजनों पर समझौते के लिए दबाव बनाया गया, साथ ही पुलिस की ओर से किशोरी के बयान बदलवाए गए और बाद में उसे बालिग घोषित कर दिया गया।
दूसरा परिवाद कोरीखेड़ा गांव निवासी अशिका गुप्ता पत्नी चंद्रप्रकाश गुप्ता की ओर से दाखिल की गईं है। अशिका गुप्ता के 10 वर्षीय पुत्र आशुतोष गुप्ता की दिसंबर 2025 में हत्या कर दी गई थी। परिवार के अनुसार इस मामले में 11 लोगों के खिलाफ वाद दर्ज कराया गया था।
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद विवेचना में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई और बाद में सभी आरोपितों को पुलिस की ओर से क्लीन चिट दे दी गई। और मुख्यमंत्री के जनपद आगमन के दौरान जब पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात करना चाहता था तो उसकी जमीन पर पटक कर पीटा गया और उसे ऐसे पिल्ले पैदा नहीं किये…जैसे गंदे शब्द बोले कर अपमानित किया गया पीड़ित ने पूनम अवस्थी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


