एंबुलेंस फंसी तो प्रसूता को चारपाई पर उठाकर पहुंचाया अस्पताल, मेरठ-बाराबंकी में मकान ढहे; 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात, 3.53 लाख प्रभावित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून फिर आफत बनकर बरस रहा है। शनिवार को 71 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया। लखनऊ, नोएडा, गोरखपुर समेत कई शहरों में सुबह से रुक-रुककर बारिश हुई। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं।
आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र के चाचीपुरा खंडेर गांव में जलभराव के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। प्रसव पीड़ा होने पर रीना के परिजनों ने उसे चारपाई पर लिटाकर करीब आधा किलोमीटर तक पानी भरे रास्ते में कंधों पर उठाया और एंबुलेंस तक पहुंचाया। इसके बाद प्रसूता को अस्पताल ले जाया गया।
मेरठ और बाराबंकी में बारिश के बीच मकान ढहने से दो बच्चों समेत तीन लोग घायल हुए। महोबा में कच्चा मकान महज पांच सेकंड में भरभराकर गिर गया। हादसे के दौरान पास से गुजर रहा युवक बाल-बाल बच गया।
बाढ़ से लाखों प्रभावित
गंगा-यमुना समेत कई नदियां उफान पर हैं। वाराणसी, प्रयागराज, गोंडा, बाराबंकी, मुरादाबाद, रामपुर, उन्नाव और ललितपुर समेत कई जिलों में बाढ़ का पानी आबादी तक पहुंच गया है। प्रदेश में करीब 3.53 लाख लोग प्रभावित हैं, जबकि 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
वाराणसी में गंगा के उफान से सभी 84 घाट डूबे हैं। मणिकर्णिका घाट का शवदाह गृह भी जलमग्न है। यहां छत पर अंतिम संस्कार कराया जा रहा है। लोग कमर तक पानी में चलकर अर्थियां लेकर पहुंच रहे हैं।
प्रयागराज में गंगा-यमुना का पानी बस्तियों में घुस गया है। मुरादाबाद में कोसी नदी उफान पर है और कई रास्तों पर नाव चल रही हैं। रामपुर के भैया नगला गांव का पुल टूटने से संपर्क कट गया है। ग्रामीणों की आवाजाही के लिए प्रशासन ने नावें लगाई हैं।
नदियों का बढ़ा जलस्तर
बाराबंकी में सरयू खतरे के निशान से करीब 27 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। तराई के कई गांवों में पानी घुस गया है और करीब 25 हजार लोग प्रभावित हैं। गोंडा में घाघरा भी खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर है। उन्नाव में लोन और सई नदियां उफान पर हैं।
ललितपुर में तेज बहाव से कई पुल डूब गए, जबकि एक पुलिया बह गई। हमीरपुर में नहर कटने से करीब 100 बीघा दलहन की फसल जलमग्न हो गई।
छह से आठ सितंबर तक भारी बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले पांच दिनों तक प्रदेश में बारिश जारी रह सकती है। छह से आठ सितंबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद सिस्टम कमजोर पड़ सकता है, हालांकि हल्की बारिश और बौछारें जारी रहेंगी।
पिछले 24 घंटे में 63 जिलों में बारिश हुई। ललितपुर में सबसे ज्यादा 49.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अगस्त में भी प्रदेश में सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक बारिश हुई थी। बारिश और बाढ़ के चलते दो दिनों में 10 लोगों की मौत की सूचना है।


