कलेक्ट्रेट परिसर में तड़के शुरू हुई कार्रवाई
एक हिस्सा ढहाया गया; इकरा हसन हाउस अरेस्ट
मायावती ने रोक की मांग की
इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे
सहारनपुर। जिला कलेक्ट्रेट परिसर में बनी करीब 70 साल पुरानी मस्जिद को हटाने की कार्रवाई शनिवार तड़के शुरू हो गई। सुबह करीब चार बजे प्रशासन छह बुलडोजर लेकर पहुंचा और मस्जिद के एक हिस्से को ढहा दिया। बाकी हिस्से को भी हटाने की कार्रवाई जारी रही। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर भारी पुलिस बल, पीएसी और आरएएफ की तैनाती की गई है। पुलिस ने लोगों को मस्जिद के आसपास जाने से रोक दिया।
मस्जिद को लेकर शुक्रवार रात करीब 11 बजे कार्रवाई की अफवाह फैली थी, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जुट गए। प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को हटाया। इसी बीच कैराना सांसद इकरा हसन सहारनपुर के लिए रवाना हुईं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर हाउस अरेस्ट कर दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर इकरा हसन ने नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें बिना किसी अपराध के क्यों रोका जा रहा है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार से इसे तत्काल रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में की जा रही ऐसी कार्रवाई उचित नहीं है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी रात में फेसबुक लाइव के जरिए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मस्जिद को तोड़ना सही नहीं है और इसके खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार, मस्जिद सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण के रूप में पाई गई थी और इसे हटाने से पहले कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 16 जुलाई 2026 को मस्जिद को अवैध मानते हुए हटाने का आदेश दिया था। आदेश में 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति वसूलने का भी निर्देश दिया गया था। इसके खिलाफ मस्जिद पक्ष जिला अदालत पहुंचा था। 24 जुलाई को आदेश पर रोक लगी, लेकिन 2 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज कर दी।
मामले की शुरुआत 10 फरवरी 2025 को बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी की शिकायत से हुई थी। शिकायत में कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को अवैध बताते हुए उसके कमरों के व्यावसायिक इस्तेमाल और डाकघर संचालित होने का आरोप लगाया गया था। प्रशासन की जांच के बाद मामला अदालत तक पहुंचा।
सहारनपुर मंडल के डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा कि सभी नोटिस और अपील की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कार्रवाई की गई है। त्योहारों को देखते हुए शहर में पांच कंपनी पीएसी और आरएएफ तैनात की गई है। संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त और फ्लैग मार्च कराया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।


