समैचीपुर चितार में तेज हुआ कटान, ग्रामीणों में दहशत; घर खाली कर सामान और मवेशी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे लोग
फर्रुखाबाद। शमसाबाद क्षेत्र में गंगा की बाढ़ के साथ अब कटान भी तेजी से बढ़ने लगा है। समैचीपुर चितार गांव में गंगा की तेज धार ने दो पक्के मकानों और तीन झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते मकान और झोपड़ियां नदी में समा गईं। हालांकि ग्रामीणों ने खतरे को भांपते हुए पहले ही घरों से जरूरी सामान बाहर निकाल लिया था, जिससे काफी हद तक नुकसान होने से बच गया।
समैचीपुर चितार गांव में उजागर और इंद्राज के पक्के मकान गंगा की तेज धार में बह गए। इसके अलावा इंद्राज की बेटी जमानिया, फहीम और एक अन्य ग्रामीण की झोपड़ी भी कटान के चलते नदी में समा गई। दो अन्य झोपड़ियां अभी भी कटान की जद में हैं। ग्रामीण लगातार नदी के किनारे की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
गंगा की तेज होती धार को देखते हुए ग्रामीणों ने अपने घर खाली करना शुरू कर दिया है। लोग घरेलू सामान, अनाज और अन्य जरूरी वस्तुओं के साथ मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। आसपास के गांवों में पहले से ही बाढ़ का पानी भरा होने के कारण लोगों के सामने सुरक्षित स्थान की समस्या भी बनी हुई है।
ग्राम प्रधान ताराबानो ने बताया कि गांव में कटान बहुत तेजी से हो रहा है। ग्रामीणों को अपने घर और सामान की सुरक्षा की चिंता सता रही है। लोगों का कहना है कि यदि नदी की धार इसी तरह तेज बनी रही तो आने वाले समय में कई और मकान कटान की चपेट में आ सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
कटरी तौफीक में भी कटान तेज
कटरी तौफीक गांव में भी गंगा का कटान तेजी से बढ़ रहा है। नदी की धार लगातार जमीन को काट रही है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर कम होने के बाद नदी का कटान और तेज हो सकता है। इसी को देखते हुए लोग पहले से ही अपने सामान और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगे हैं।


