लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। 16 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और 47 जिलों में आज गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। झांसी के टोडी फतेहपुर में पथराई नदी उफनाने से बस स्टैंड और घर-दुकानों में 7 से 8 फीट तक पानी भर गया। लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं।
प्रयागराज के जार्जटाउन में स्वामीनारायण मंदिर का तीन मंजिला पिछला हिस्सा भरभराकर ढह गया। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी अचानक उफन गई और सती अनुसूइया आश्रम की रेलिंग समेत आसपास का सामान पानी में बह गया। मानिकपुर में बांध ओवरफ्लो होने पर डोडा और घाटा कोलान गांवों को खाली कराया जा रहा है।
महोबा में सीहो नदी का जलस्तर बढ़ने से पुलों के ऊपर पानी बह रहा है, जबकि हमीरपुर में चंद्रावल नदी का पानी सड़क के ऊपर से गुजर रहा है। बदायूं के कदमनगला गांव में गंगा के कटान से पंचायत घर नदी में समा गया। गोंडा में घाघरा का जलस्तर 24 घंटे में 23 सेंटीमीटर बढ़ा है और 10 से अधिक गांवों में हाई अलर्ट है।
कानपुर में बारिश के दौरान पशुबाड़े की छत और दीवार गिरने से 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। जालौन में नदी में डूबे युवक की तलाश जारी है। वहीं झांसी में बेतवा नदी में नहाने गए युवक को मगरमच्छ खींच ले गया, जिसका अब तक पता नहीं चल सका है।
राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक प्रदेश में अब तक 25 जिले बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। वर्तमान में करीब 1.44 लाख लोग प्रभावित हैं। 1,618 बाढ़ चौकियां और 1,281 शरणालय बनाए गए हैं। अब तक 14,628 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।


